दिल हुआ आपका दिवाना है
दिल हुआ आपका दिवाना है

दिल हुआ आपका दिवाना है

( Dil Hua Aapka Deewana Hai )

 

दिल हुआ आपका दिवाना है।
धड़कनों में तुझे बसाना है।।

तेरे  दम  से  वजूद  है  मेरा।
सांस लेना तो इक बहाना है।।

कम नहीं झील से तेरी आंखें।
डूब  के  ही  सुकून  पाना है।।

भूल सकता नहीं नशा हरगिज़।
जो  तेरा  आँख से पिलाना है।।

तेरी नज़रें भी कम नहीं कातिल।
सीधा  दिल पे तेरा निशाना है।।

तेरी  जुल्फ़ें  नहीं  ये है फंदा।
जाल आता तुझे बिछाना है।।

तुम हो कितने अमीर ज़ल्वों से।
मेरा  दिल  तो ग़रीब -खाना है।।

कम नहीं है किसी ख़ुदा से तू।
तेरे सज़दे में सर झुकाना है।।

चैन पाया “कुमार” ग़ज़लों में।
इस जहां को नहीं रिझाना है।।

 

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कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(M A. M.Phil. B.Ed.)
हिंदी लेक्चरर ,
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

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