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Hindi Diwas Poem | मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी
मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी ( Mera samman – matribhasha Hindi ) कब तक हिंदी मंद रहेगी अग्रेजी से तंग रहेगी कब तक पूजोगे अतिथि को कब तक माँ यूँ त्रस्त रहेगी माना अग्रेजी की जरूरत सबको माना बिन इसके नहीं सुगम डगर हो माना मान सम्मान भी दिलवाती पर मातृ भाषा बिन कैसी…
Hindi kavita | Hindi Diwas Poem -और हिन्दी
और हिन्दी ( Aur Hindi ) संस्कृत प्राकृत से पाली स्वरूप धरि, अब देवनागरी कहावति है हिंदी। छत्तीस रागिनियों के बारह सुर गाइ गाइ, चारि मिश्रित वर्ण सुहावति है हिन्दी।। आगम -निगम के गूढ़ तत्व कहि कहि, ब्रह्म से जीव को मिलावति है हिंदी। भारत महान की आन बान शान बनि, नभ…
Hindi kavita | Hindi Diwas Poem -हिंदी हमारी
हिंदी हमारी ( Hindi Hamari ) तुलसी की वाणी रामायण हैं हिंदी रसखान जी के दोहे है हिंदी मीरा सा प्रेम कृष्ण नाम है हिंदी भारतेंदु की आत्मा है हिंदी दिनकर जी की शब्दों की ज्वाला है सुमित्रानंदन की वाणी है हिंदी जो शब्द दिलों को छूती है वो मृदुभाषी है हिंदी संस्कार…
Hindi Diwas Poem | मातृभाषा को समर्पित
मातृभाषा को समर्पित ( Matri bhasha ko samarpit ) ***** ( विश्व हिंदी दिवस पर ) हे विश्व विभूषित भाषा हिंदी, संस्कृत से जन्म जो पाई, महिमा महान जग छाई।। शुत्र चतुर्दश माहेश्वर के, शिव डमरू से पाया। ऋषी पांणिनी व्याख्यायितकर, आभूषण पहनाया। बावनवर्णों से वर्णांका की शोभा हो बढ़ाई, महिमा महान जग छाई।।…
Hindi Diwas Poem | Hindi kavita -हिंदी हम को प्यारी है
हिंदी हम को प्यारी है ( Hindi Humko Pyari Hai ) हिंदी हमको प्यारी है, हर भाषा से न्यारी है। तन मन धन सब मेरा, यह तो जान हमारी है।। मां की ममता में हिंदी, पिता की झमता में हिंदी। पति पत्नी के प्यार में , जीवन के हर कार्य में हिंदी।। …