Tag: Hindi Ghazal
आज मुद्दतों बाद | Romantic Ghazal
आज मुद्दतों बाद ( Aaj muddaton baad ) आज मुद्दतों बाद वो चुपके से पास आकर मेरा हाथ सहलाकर पूछती है कहाँ गुम हो क्यों खामोश हो मुझे क्यों भूल गये स्याही क्या सूख गई हर्फ क्या नहीं मिल रहे अलफाज़ नहीं जुड़ रहे क्यों इतने गमगीन हो जो मुझको…
प्यार भरा दिल मेरा तोड़ कर वो गया | Sad Shayari
प्यार भरा दिल मेरा तोड़ कर वो गया ( Pyar bhara dil mera tod kar wo gaya ) प्यार भरा दिल मेरा तोड़कर वो गया उम्रभर के लिये छोड़कर वो गया देखता रह गया बेबसी से उसे मुझसे ही मुंह अभी मोड़कर वो गया लें गया वो निशानी सगाई की ही…
नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा | Ghazal
नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा ( Nahin koi shahar mein aashna yahan mera ) नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा ! हाले दिल ये कौन जो पूछता यहां मेरा कि सोचता हूँ नगर छोड़ दूँ इसलिए मैं नहीं कोई तन्हाई के सिवा यहां मेरा उदास पन इसलिए भर…
रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है | Ghazal
रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ( Rakhee jisse yahan dosti khoob hai ) रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ! कर गया आज वो दुश्मनी ख़ूब है जिंदगी की बुझे प्यास अब ए ख़ुदा प्यार की उठ रही बेकली ख़ूब है रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों…
कभी अपनों ने ही समझा नहीं है | Udasi Bhari Shayari
कभी अपनों ने ही समझा नहीं है ( Kabhi apno ne hi samjha nahin hai ) कभी अपनों ने ही समझा नहीं है ! दिल उनसे इसलिए अब मिलता नहीं है गली में इसलिए छाया अंधेरा कभी तक चाँद वो निकला नहीं है मुहब्बत की क्या होती गुफ़्तगू फ़िर कभी वो पास…
न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा | Ghazal
न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा ( Na jane kyon sath wo chhodte rahe mera ) न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा मुहब्बत से दिल भरा तोड़ते रहे मेरा नहीं पूछा हाले दिल भी मगर मेरा उसनें वो पास फ़ोन बैठे छेड़ते रहे मेरा गुलाब देते रहे प्यार…
दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी | Darde Dil Shayari
दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी ( Darde dil ki nahi dawa bheji ) दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी ! उसनें ऐसी कहा वफ़ा भेजी ख़त्म जिसकी न प्यार की हो ये बू इधर को कहा भला भेजी बेवफ़ाई की भेजी बू उसनें कब मुझे ख़ुशबू बावफ़ा भेजी बू …
Hindi poem on love | इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा
इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा ( Ek Roz Hawa Banke Teri Gali Mein Aa Jaunga ) इक रोज़ हवा बनकर, तेरी गली में आ जाऊंगा। मैं तेरी जुल्फें तेरा आंचल, लहरा जाऊंगा।। तेरी अदा तेरी हंसी, लजबाव है। बोल इतना खुश,क्यूं तू आज है।। यूं मुस्कुरा कर, जान…
Ghazal | कहानी
कहानी ( Kahani ) कल एक कहानी लिखुंगा मैं तेरे प्यार की इक निशानी लिखुंगा जो तूने दिया था बचपन में मैं तेरी वो रवानी लिखुंगा कल एक कहानी लिखुंगा मैं तेरे प्यार की इक निशानी लिखुंगा वो गलियां थी तू गुड़िया थी मैं तेरा गुड्डा बना था जहां खेले और लड़े हम…
Ghazal | बिना तेरे
बिना तेरे ( Bina Tere ) बिना तेरे अब हमसे और अकेले जिया नहीं जाता । तुम्हें भूल जाने का गुनाह भी तो हमसे किया नहीं जाता । माना कि मेरे इश्क़े- इज़हार से परेशाँ रहने लगे हो तुम; पर अपनी पाक मोहब्बत को गुनाह, हमसे कहा नहीं जाता । सीने में चुभन,आँखों में…