Darde Dil Shayari

दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी | Darde Dil Shayari

दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी

( Darde dil ki nahi dawa bheji )

 

 

दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी !

उसनें ऐसी कहा वफ़ा भेजी

 

ख़त्म जिसकी न प्यार की हो ये

बू  इधर  को  कहा भला भेजी

 

बेवफ़ाई की भेजी बू उसनें

कब मुझे ख़ुशबू बावफ़ा भेजी

 

बू  उधर  से आयी अदावत की

प्यार की  जिसको बू सदा भेजी

 

फ़ूल कब भेजा प्यार का उसनें

की  मेरी  और बस जफ़ा भेजी

 

हो  जहां  वो  रहे  ख़ुशी  से  ही

हक में उसके आज़म दुआ भेजी

 

❣️

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें : –

प्यार से कब मिला है मुझे | Ghazal Pyar se

 

 

Similar Posts

  • Shiv Stuti | शिव-स्तुति

    शिव-स्तुति ( Shiv Stuti ) ऐसे हैं गुणकारी महेश। नाम ही जिनका मंगलकारी शिव-सा कौन हितेश।।   स्वच्छ निर्मल अर्धचंद्र हरे अज्ञान -तम- क्लेश। जटाजूट में बहती गंगा पवित्र उनका मन-वेश।।   त्रिगुण और त्रिताप नाशक त्रिशूल धारे देवेश।। त्रिनेत्र-ज्वाला रहते काम कैसे करे मन में प्रवेश।।   तमोगुणी क्रोधी सर्प, रखते वश, देते संदेश।…

  • Nari jeevan kavita || Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita -नारी जीवन

    नारी जीवन ( Nari Jeevan )   पिता पति के बीच बंटी है, नारी की यह अमिट कथा। एक ने दिया जीवन है उसको, दूजे ने गतिमान किया।   पिता वो शिक्षक पाठ पढ़ा कर, नौका पर कर दिया सवार। पति वो मांझी साथ बिठाकर, जीवन नदी करा दी पार।।   कठिन डगर कांटे चुभते…

  • Kavita | दुनिया

    दुनिया ( Duniya )   रात  मे  चाँद को , जिसने  चमकना  सिखाया । सूरज की किरणों को ,आलोक फैलाना बताया ।। ग्रीष्म ,वर्षा ,शीत ,बसंत ,होती अजीब घटनाएं है । वंदन  है  प्रभु ! उन्हें , जिसने  ये दुनिया बनाया ।। उफनती  नदियों  को , जिसने  बहना  सिखाया । गहरी  काली  झीलो  को ,…

  • जय हिंद | Jai Hind

    जय हिंद ( Jai Hind )    देखो कितना अच्छा है प्यारे जय हिंद ? आओ सब मिलकर के ही बोले जय हिंद दुश्मन के कान सभी हो जाये बहरे इतनी जोर से ही बोले सारे जय हिंद चाहे कोई गीत सुने चाहे ग़ज़लें लगने अपने तो है सब नारे जय हिंद छोड़ो करनी महजब…

  • sad shayari in hindi || तुम इतनी कठोर

    तुम इतनी कठोर ( Tum Itni Kathor )   तुम इतनी कठोर कैसे हो सकती हो..? क्या भूले से भी मेरे नाम से तुम्हारा दिल नहीं धड़कता…..   तुम्हारे दिल में मेरे लिए थोड़ा सा भी प्रेम नहीं है क्या जो इतनी बे-मुरोव्वत बन गई हो….   एक हमारी हालात है कि एक पल का…

  • सीख दे गई | Kavita Seekh

    सीख दे गई (Seekh De Gayi ) सूखी टहनी उड़ आई मेरे पास थी उसे कुछ कहनी बोली मुझे न काटा कर जरूरत भर मांग लिया कर मैं खुशी खुशी दे दूंगी नहीं हूं बहरी गूंगी सुनती हूं सब कुछ देखती हूं तेरे व्यवहार सहकर तेरे अत्याचार भी कुछ कहती नहीं इसका क्या मतलब दोगे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *