लगी आग को वो बढ़ाने लगे हैं | Hindi Mein bf Wali Shayari
लगी आग को वो बढ़ाने लगे हैं! ( Lagi aag ko wo badhane lage hain ) दरीचे से मुझको बुलाने लगे हैं, लगी आग को वो बढ़ाने लगे हैं! जवानी की रुत है कैसी ये दिलकश, अंगड़ाइयों पे न कोई मेरा वश। मचा है ये शोर अंदर किसको पता है, खुशबू की चादर बिछाने लगे…

