Hindi poem on book

  • किताब | Kitab par kavita

    किताब ( Kitab )   ज्ञान सिंधु में गोते लगा लो पुस्तकों  से  प्यार  करो आखर आखर मोती महके मन में जरा विचार करो   ज्ञान विज्ञान सारा समाया तजो क्रोध लोभ मोह माया त्याग तपस्या पराक्रम भारी वीरों की गाथा को पाया   साधु संतों मुनियों ने लिखी वैद्य वकील वैज्ञानिक ने कहीं इंजीनियर…