किताब | Kitab par kavita

किताब

( Kitab )

 

ज्ञान सिंधु में गोते लगा लो
पुस्तकों  से  प्यार  करो
आखर आखर मोती महके
मन में जरा विचार करो

 

ज्ञान विज्ञान सारा समाया
तजो क्रोध लोभ मोह माया
त्याग तपस्या पराक्रम भारी
वीरों की गाथा को पाया

 

साधु संतों मुनियों ने लिखी
वैद्य वकील वैज्ञानिक ने
कहीं इंजीनियर दिखलाता
विधि लिखी तकनीकी से

 

कवि रचते काव्य रचना
दोहा मुक्तक गीत ग़ज़ल
कहती पुस्तक आनंद ले लो
जीवन का भरपूर प्रतिपल

 

सन्मार्ग दिखलाती पुस्तक
सद्बुद्धि  की  दाता है
नई  प्रेरणा  नई उमंगे
नर पुस्तक से पाता है

 

जहां जहां अभिरुचि हो
किताबे वहां मिल जाती
लेखन संगीत कलाओं में
दुनिया में परचम लहराती

 

इस दुनिया में आकर देखो
ज्ञान का अतुलित भरा भंडार
किताबे ज्ञान के मोती लुटाए
जीवन  का  करती  उद्धार

 

लौकिक और अलौकिक पढ़ लो
स्वरचित और मौलिक पढ़ लो
आध्यात्मिक  भौतिक  पढ़ लो
संकलित  अमौलिक  पढ़ लो

 

किताबे जोश जज्बा जगाती
देश  प्रेम  का  भाव  बढ़ाती
ज्ञान भरा है इन पुस्तकों में
सदा  प्रगति  राह  दिखाती

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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