मित्र वही | Hindi Poem on Mitra
मित्र वही ( Mitra wahi ) मित्र वही जो खुल कर बोले हिय की बात भी मुंह पर खोले नहीं छुपाए कोई बात देता हर सुख दुख में साथ प्यार का मधुरस दिल में घोले, मित्र वही जो खुल कर बोले। हर दुःख को वह अपना,समझे बात बड़ी हो पर ना उलझे…

