बह चली बसंती वात री | Holi ki Kavita Hindi Mein
बह चली बसंती वात री ( Bah chali basanti wat ri ) बह चली बसंती वात री। मह मह महक उठी सब वादी खिल उठी चांदनी रात री। सब रंग-रंग में रंग उठे भर अंग अंग में रंग उठे रग रग में रंग लिए सबने उड़ उठा गगन…
बह चली बसंती वात री ( Bah chali basanti wat ri ) बह चली बसंती वात री। मह मह महक उठी सब वादी खिल उठी चांदनी रात री। सब रंग-रंग में रंग उठे भर अंग अंग में रंग उठे रग रग में रंग लिए सबने उड़ उठा गगन…