Jawani ka Mausam

  • जवानी का मौसम | Jawani ka Mausam

    जवानी का मौसम! ( Jawani ka mausam )    कटेगा सुकूँ से सफर धीरे -धीरे, होगी खबर उसको मगर धीरे-धीरे। मोहब्बत है जग की देखो जरुरत, उगने लगे हैं वो पर धीरे-धीरे। उबलने लगा अब अंदर का पानी, चलाएगी खंजर मगर धीरे-धीरे। आठों पहर मेरे दिल में वो रहती, लड़ेगी नजर वो मगर धीरे-धीरे। जवानी…