कच्चे धागे | Kachche Dhaage
कच्चे धागे ( Kachche dhaage ) एक कच्चे धागे से बँधी प्रेम की डोर, भाई बहन कहीं रहे खींचे अपनी ओर। युग बदले पर बदले न स्नेह के रिवाज, कहे बिन सुने भाई बहना की आवाज़। हज़ारों कोस जग में जा रहने लगो सुदूर, अकाट्य रक्षा कवच से रह न पाओ दूर। परस्पर प्रेम…

