पुनर्जन्म | Kahani Punarjanm
( 2 ) धीरे-धीरे महीने हो गए थे ।अभी बच्चे की आंख नहीं खुली ।उसके माता-पिता अपलक निहार रहें थे। उन्हें कुछ नहीं समझ में आ रहा था कि क्या किया जाए। बच्चे का शरीर सूख कर काटा हो चुका था। फिर भी माता-पिता की आशा थी कि मेरे लाल को कुछ नहीं होगा। मनुष्य…

