Samay par kavita | कैसा यह समय है
कैसा यह समय है ? ( Kaisa Yah Samay Hai ) शिक्षा को मारा जा रहा है अशिक्षा को बढ़ावा देकर असल को महरूम किया जा रहा चढ़ावा लेकर हिसाब बराबर किया जा रहा कुछ ले दे कर विश्वास पर हावी है अंधविश्वास गरीबों को मयस्सर नहीं अब घास देखता आसमान दिन-रात बरसे तो बने…

