कमलेश विष्णु की कविताएं | Kamlesh Vishnu Hindi Poetry
अंतस्तल में दीप जलाएं ज्योति जलाएं प्रज्ञा का, फिरउपवन सा घर-बार सजाएं !खुशियों की सौगात बांटकर ,हम-सब दीपावली मनाएं !! दिवाली में अबकी हम-सब ,मिलकर ये संकल्प उठाएं !घर रौशन करने से पहले ,अंतस्तल में दीप जलाएं !! कटुता त्यागें बैर मिटाएं,दीन दुखी को गले लगाएं !हम-सब मिलकर दिवाली में,विश्व शांति का अलख जगाएं !!…

