कान्हा प्यारी छवि तेरी | Kanha kavita
कान्हा प्यारी छवि तेरी ( Kanha pyari chhavi teri ) खुशियों से दामन भर जाए दीप जलाने लाया हूं। मुरली मोहन माधव प्यारे झोली फैलाये आया हूं। मन मंदिर में बंसी केशव मधुर सुहानी तान लगे। कान्हा की प्यारी छवि मोहिनी मूरत श्याम लगे। लेखनी की ज्योत ले माधव तुझे रिझाने आया…

