Karlav par Kavita

  • कलरव | Karlav par Kavita

    कलरव ( Karlav )   आज मनवा चहक रहा है चमन सारा महक रहा है। खिल गई कलियां सारी आंगन सारा चहक रहा है। डाल डाल पे पंछी कलरव कोयल कूक रही प्यारी। वृक्ष लताएं सब लहराई उमंगों भरी कलियां सारी। तितली उड़ती भंवरे गाते मनमयूरा झूमके नाचे। पंछी परवाज मौज भरे पुष्प मोहक उपवन…