Kaun hoon main kavita

  • कौन हूँ मैं | Kavita

    कौन हूँ मैं? ( Kaun hoon main kavita )   सहमी सहमी कमजोर नहीं हूं भीगी भीगी ओस नहीं हूं आसमान पर उड़ने वाली चंचल चितवन चकोर नहीं हूँ   कोमल कच्ची डोर नहीं हूं अनदेखी से उड़ने वाली शबनम सम छोटी बूँदों जैसी खुशबू भीनी हिलौर नहीं हूं   कुछ जुमलों से डर जाउंगी…

  • न जाने कौन हूं मैं | Kaun hoon main kavita

    न जाने कौन हूं मैं (  Na jane kaun hoon main )   न जाने कौन हूं मैं… गहन तिमिरान्ध में प्रकाश हूं मैं, छलकते आंसुओं की आस हूं मैं गृहस्थ योगी यती संन्यास हूं मैं, विरह कातर अधर की प्यास हूं मैं। किसकी ललचाई दृगन की भौंन हूं मैं।। न जाने कौन हूं मैं…….