Kavita Aag

  • आग | Kavita Aag

    आग ( Aag ) आग में हि आग नहीं होती पानी में भि होता है दावानल धातुयें भी बहती हैं जमीं मे धारा की तरह आसमान से भी बरसती है आग धूप बनकर आग का होना भी जरूरी है हिम्मत, हौसला, जुनून के लिए बिना ऊर्जा के शक्ति मिलती नही बिना आग के ज्योत जलती…