Kavita dabe pair

  • दबे पैर | Kavita dabe pair

    दबे पैर ( Dabe pair )   वो दबे पैर अंदर आयी जैसे बंद कमरों में ठंड की एक लहर चुपके से आ जाया करती है और बदल गयी सारे रंग मेरे जीवन के, जैसे पहली बारिश धरा को बदल ज़ाया करती है अंकुर फूटे भावनाओं के और मदिरा सी मस्ती छा गयी कुछ ना…