देखोगे तुम | Kavita dekhoge tum
देखोगे तुम ( Dekhoge tum ) हँसता हुआ मधुमास जो देखे हो तुम तो, मन के विरह की प्यास भी देखोगे तुम। आनन्दमय झिझोंर के नाचे हो तुम तो, मनभाव के नवरंग को भी देखोगे तुम। मन प्राप्त करने को तुझे बेकल हुआ है, ऋतु शिशिर है पर ताप से जलता हिया है। घी का…

