दुनिया के मेले में हर शख्स अकेला | Kavita Duniya ka Mela
दुनिया के मेले में हर शख्स अकेला अकेले ही चलना बंदे दुनिया का झमेला है। दुनिया के मेले में यहां हर शख्स अकेला है। आंधी और तूफानों से बाधाओं से लड़ना है। संघर्षों से लोहा लेकर बुलंदियों पर चढ़ता है। हिम्मत हौसला जुटा लो धीरज भी धरना है। रंग बदलती दुनिया में संभल कर…

