मैं और वो आशा | Kavita main aur woh aasha
मैं और वो आशा ( Main aur woh aasha ) मैं जूझ रहा तूफानों में आंधी और वीरानो में रेतीले धोरों में उंची घाटियों और चट्टानों में एक आशा की किरण मुझे साहस संबल दे रही राह की बाधाएं मेरी पग पग पे परीक्षा ले रही मन में आस जगाए मैं…

