पुनर्जन्म | Kavita Punarjanm
पुनर्जन्म ( Punarjanm ) मैंने सबसे कीमती वस्तु को, तलाशना चाहा, हीरे-जवाहरात , मणि माणिक , सभी लगे मिट्टी के धूल समान, मैं अपनी धुन में, खोजता चला जा रहा था , दिन, महीने में बदलने लगे , महीने वर्ष में , लेकिन नहीं मिल सकी, वह कीमती तोहफा, जो संसार में सबसे कीमती हो।…

