स्मृति शेष | Kavita Smriti Shesh
स्मृति शेष ( Smriti Shesh ) हे धरा के पंथी नमन तुम्हें हे धरा के पंथी नमन तुम्हें घर छूटा मिला गगन तुम्हें। तुम चले गए हमें छोड़कर कहे थे रहेंगे रिश्ते जोड़कर। तय था जो होना हो गया हे पंथी तुम नींद में सो गया। चिर शांति मिले अमन तुम्हें हे धरा के पंथी…

