ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा | Khwab ghazal
ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा ( Khwabon ka teri sada pahara raha ) ख़्वाबों का तेरी सदा पहरा रहा सिलसिला नींदो में ही चलता रहा दूर तुझसे हम चले जाये कहीं हम मिलेंगे तुझसे ये वादा रहा तन्हा होने का लगे अहसास नहीं जिंदगी भर तू यूँ ही मिलता रहा …

