Khwahish shayari

  •   ख्वाहिश | Prem wali shayari

      ख्वाहिश   ( Khwahish )   काश तुम मेरी सर्दियों की अदरक वाली चाय हो जाओ और मैं तुम्हारी सुबह का पहला अखबार हो जाऊँ काश तुम मेरी ओस की बूँदें हो जाओ और मैं तुम्हारी कोहरे की फुहार हो जाऊँ काश तुम मेरी सुर्ख़ रंग गुलाबी हो जाओ और मैं तुम्हारे ग़ुलाबों की बौछार…