Kumhar par kavita

  • कुम्हार | Kumhar kavita

    कुम्हार ( Kumhar )   बाबू ले लो ना दिए घर तेरा रोशन हो जाएगा। एक वक्त की रोटी के लिए मेरा चूल्हा भी जल जाएगा। मेरी भूख तब मिटेगी जब तेरा हर कोना जगमग आएगा। ले लो ना बाबू जी कुछ दिए मेरा चूल्हा भी जल जाएगा। छोटे बड़े दीपक से अंधकार मिट जाएगा…