एम.एस.ख़ान की कविताएं | M.S. Khan Hindi Poetry
भाई बहिन है रक्षा के बंधन रक्षाबंधन जीवन में खुशियाँ लाया,बहिन ने ये बंधन फिर याद दिलाया।बचपन की मीठी वो यादें ताज़ा बातें,संग हँसी और प्यारी बातें हुई सौगातें।धागों में लिपटी सिर्फ़ दुआ नहीं होती,आँखों को नम करती छाया भी होती।भाई का सिर भी गर्व से ऊंचा होता,भाईबहिन का दिल मन सच्चा होता।बहिन की लंबी…

