Maa Sharde

  • मां शारदे | Maa Sharde

    मां शारदे ( Maa Sharde )  ( 3 ) हो ज्ञान का भंडार माँ,यह लेखनी चलती रहे। शुभदा सृजन उपवन खिले,नित ज्योति बन जलती रहे।। कर्तव्य का पथ हो विमल,हर स्वप्न भी साकार हो। पावन रहे ये गंग सी,हर शब्द में रसधार हो।। हो भावना कल्याण की, बस प्रेम का गुंजार हो। रस छंद जीवन…