मौत के सौदागर | Maut ke Saudagar
“ऐ कौन है जो मुझसे टक्कर ले सकें,! किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं हैं कि मुझसे मुकाबले कर सकें।” सुदेश चौराहे पर आऊ बाऊ बक रहा था। रोज सायं काल में 9:10 बजे रात तक वह चौराहे पर नशे में घूमता रहता है। इसका अधिकांश समय नशे में ही डूब जाता है। वह…

