Navabihan

  • नवभिहान | Navabihan

    नवभिहान ( Navabihan )   बीती रात अब हुआ सवेरा नवभिहन का अभिनंदन हो नव रचना से श्रृंगार करो फिर जग भर भारत का वंदन हो मानो,आरंभ के गुजरे वर्ष 76 नव स्फूर्ति से आगे अब साल 77 नव उदय मन हो नव कीर्तिमान ठोस धरा पर हो भारत महान त्यागो ईर्ष्या द्वेष भेद भाव…