Paijaniya par Kavita

  • पैंजनिया | Paijaniya par Kavita

    पैंजनिया ( Paijaniya )    छम छम बाजे पांव में घुंघरू रुनक झुनक पैजनिया। नाच रहे हैं मदन मुरारी मधुबन गूंजे प्यारी मुरलिया। नटखट कान्हा झूम झूम के पैजनिया खनकाता है। सारी दुनिया हुई कृष्ण दीवानी प्रेम रंग बरसाता है। बाल लीलाएं बालकृष्ण की मनमोहक चितचोर है। सारे जग का पालन हारा सांवरिया माखन चोर…