पापा की यादें | Papa ki Yaadein

पापा की यादें | Papa ki Yaadein

पापा की यादें ( Papa ki Yaadein )    पूछ रहे थे तुम मुझसे आंखें क्यों भर आई है गूथ रही थी आटा में बस यू ही कहा था मैंने याद पिता की आई है बरबस ही बरस पड़ी ये अश्रु की जल धारा बनके सावन के इस मौसम में मन ने बातें दोहराई है…