Poem in Hindi on Mahashivratri

  • महाशिवरात्रि | Poem in Hindi on Mahashivratri

    महाशिवरात्रि ( Mahashivratri )    ज्योतिर्लिंग की महिमा है न्यारी, भोले शंकर के हम हैं पुजारी। महाशिवरात्रि के महापर्व पर, जलाभिषेक की परम्परा हमारी। तन पर भस्म सुशोभित होती, गले में सर्प की माला सजती। माथे पर चंदा लगता है अच्छा, जटा से गंगा की धारा बहती। शिवलिंग पऱ बेल- पत्र चढ़ाते, केसर, धतूर, दूध…