खामोश लब | Poem Khamosh Lab
खामोश लब ( Khamosh lab ) जाने क्या कह जाते हैं तुम्हारे ये खामोश लब। बहा देते हैं रसधार मधुर गीतों के तराने लब। मुस्कानों के मोती प्यारे अधर सुरीले नैन तारे। खुशी के दीप जलाते हंसते हुए चेहरे तुम्हारे। होठों की रंगत भाती ठुमक ठुमक कर तुम आती। महकता आंगन सारा दिल की…

