Poem on Atmi Jung

  • ऐटमी जंग | Atmi Jung par Kavita

    ऐटमी जंग! ( Atmi jung )    जंग का कोई नक्श बनाए तो उसे जला दो, बाँझ होने से इस धरती की कोख बचा लो। दुनिया के कुछ देश नहीं चाहेंगे जंग बंद हो, ऐसी सुलगती भावना को मिट्टी में मिला दो। जंग कोई अच्छी चीज नहीं दुनियावालों! उन्हें दुनिया में जीना और रहना सीखा…