Poem on naya saal

  • नया साल | Kavita Naya Saal

    नया साल ( Naya saal )   रफ्ता रफ्ता गुजर गया वो साल पुराना था कड़वे  मीठे  अनुभवों  का बड़ा खजाना था   आने  वाला  साल  बाइसवां बेहतर आएगा स्वागत करें नववर्ष तुम्हारा खुशियां लाएगा   जब भी कोई नया नया हो जश्न मनाते हैं नई  सोच  नई उमंग ले आगे बढ़ जाते हैं  …