Poem Rama Sugriva

राम सुग्रीव मिताई | Poem Rama Sugriva

राम सुग्रीव मिताई ( Ram Sugriva Mitai )   सीता माता की सुधि लेने चल पड़े राम लक्ष्मण भाई। शबरी के मीठे मीठे बेर खाए चब चख श्री रघुराई।   आगे जाकर रघुवर की जब भक्त हनुमान से भेंट हुई। सुग्रीव से जाकर करी मिताई और सभी पहचान हुई।   किष्किंधा का राजा बाली सुग्रीव…