शब्दों का सफर | Poem shabdon ka safar
शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar ) शिकस्त शिकस्त कर देंगे मंसूबे हम अपने प्यार से। कह देंगे राज सारे आज अपने दिलदार से। दुश्मनों से कह दो आंखें खोलकर देखें जरा। तूफानों में पलने वाले डरते नहीं तलवार से। चौबारा घर का आंगन दीवारें वो चौबारा भी गाता है बिटिया आंगन…

