प्रीत की डोर | Preet ki Dor
प्रीत की डोर ( Preet ki dor ) प्रीत की डोर लाई, हंसती मुस्काती बहना आई। कलाई पर बांधे राखी, सदा खुश रहो मेरे भाई। सावन की रुत आई, चुनर ओढ़ धरा गुस्काई। रेशम की डोर बहना, राखी थाल सजाकर लाई। अक्षत चंदन रोली, मस्तक तिलक लगाई। हाथों में बांधे राखी, संग श्रीफल और…

