राजेंद्र रुंगटा की कविताएं | Rajendra Rungta Hindi Poetry
खुशी के रंग सबके संग,चहकते ही रहिए।खिलते रंग, सबका संग गहिए।।चल सद मार्ग,प्रगति आधार बनो।बनाना देश ,प्रजा के श्रेष्ठ जनों।। मथा समुद्र,रतन भंडार भरा।अच्छे काम,किया हिय तेज धरा।।जो हो दुख, मिटा खुशहाल करो।बनो सेवक ,सकल उल्लास भरो ।। मेरा काम , व्यथा लिया सुख दिया।देखा दुख , जन का रोया हिया ।दीप समान, प्रकाश ज्योति…

