राजेंद्र रुंगटा की कविताएं | Rajendra Rungta Hindi Poetry
सफल होना सजल हैं नैन मेरे प्रिय प्रतीक्षा में।सभी पढ़ कर सफल होना परीक्षा में।।कदा ना हो सफल विचलित कभी ना हो।सभी सीखो सफल होकर विजय चाहो।। लगी चोटें,नही मानी, कभी हारी।बने राही, जटिल राहें,विजय धारी।।भले संगी, मिले ताकत, सभी जाने।प्रथम तोले ,परख बोले, सभी माने।। भूमि पूजे, मिले अन धन, हमें पाला।अटल मानो, धरा…

