Samay Geet waqt ki awaz hai ye

  • वक्त की आवाज | Samay Geet

    वक्त की आवाज ( Waqt ki awaz hai ye : Geet )   वक्त  की  आवाज है ये, समय की पुकार भी। तोड़े नियम सृष्टि के, नर कर लो स्वीकार भी।   चीरकर पर्वत सुरंगे, सड़के बिछा दी सारी। वृक्ष विहिन धरा हुई, बरसी भीषण बीमारी।   कहर कुदरत का बरसा, तिरोहित हुआ प्यार भी।…