समय | Samay Kavita in Hindi
समय ( Samay ) हर पल हर क्षण चले निरंतर, अतीत भविष्य में ना अंतर। ना विकास है उत्पत्ति नाश, मिटती है ना कभी इतिहास। युग भी आए चले गए भी, बदला गति ना रत्ती भर भी। यह तो बस है अनुभव अपना, कहते वैसे जैसी घटना। अच्छी बुरी न…
समय ( Samay ) हर पल हर क्षण चले निरंतर, अतीत भविष्य में ना अंतर। ना विकास है उत्पत्ति नाश, मिटती है ना कभी इतिहास। युग भी आए चले गए भी, बदला गति ना रत्ती भर भी। यह तो बस है अनुभव अपना, कहते वैसे जैसी घटना। अच्छी बुरी न…