Sangeet par kavita

  • संगीत बिना गीत सुना | Sangeet par Kavita

    संगीत बिना गीत सुना ( Sangeet bina geet suna )    संगीत बिना हर गीत यह सूना, ढोलक और बांसुरी यह वीणा। चेहरे पर आ जाती है खुशियां, बजती है जब प्यारी यह वीणा।। माता शारदे का रहता आशीष, कण्ठ में विराजे बनकर संगीत। होंठों पर लाती मिट्ठी मुस्कान, गीतों के साथ जब बजे संगीत।।…

  • संगीत | Poem in Hindi on music

    संगीत ( Sangeet )   थिरक उठते साज सारे संगीत सबको प्यारा लगे स्वर लहरियां जब बजे झंकार करे इकतारा बजे   सात सुरों की तान छेड़े गीतों के तराने सभी मन में उमंगे जगे संगीत के बजते तार कभी   गीत गजल मधुर मधुर कर्णप्रिय धुन प्यारी ढोल ताशे साज बाजे बांसुरी की तान…