रात सपने में आया कान्हा | Sapne mein Kanha
रात सपने में आया कान्हा ( Raat sapne mein aaya kanha ) मोहन माधव कान्हा प्यारा, आया स्वप्न में मुरलीहारा। चक्र सुदर्शन धारी गिरधर, रूप चतुर्भुज सुंदर सारा। मोहन माधव कान्हा प्यारा पीतांबर धारी बनवारी, सर पे सोहे मोर मुकुट भारी। अधरो पर मुरलिया धारी, जय गोविंदा जय गिरधारी। उठो आज कोई गीत सुना…

