Sawan Shayari

  • आज सावन में | Sawan Shayari

    आज सावन में ( Aaj sawan mein )    परिंदों की बड़ी हलचल मची है आज आंगन में। सुना है घोंसला बिखरा किसी का आज सावन में।। बनाकर कश्तियां काग़ज कि ख़ुश होता है बारिश में ये मन होता बडा़ नादान सा सबका लड़कपन में। कभी रिश्ता बड़ा गहरा हुआ करता था अपना भी। भुला…