सेना दिवस | Sena diwas par kavita
सेना दिवस! ( Sena diwas ) ऐ! मेरे वतन के लोगों, जरा याद करो कुर्बानी। फिर आया सेना दिवस ये, है कोई न इसका सानी। इनके चलते ही घरों में, हम चैन की नींद हैं लेते। ये नींद गंवाकर अपनी, सरहद की हिफाजत करते। रखकर ये आँख में मस्ती, रचते हैं अमर कहानी। नभ,जल,थल इनसे…

