सिवा खुद के | Siva Khud ke
सिवा खुद के ( Siva khud ke ) किताबें ही सिखाती नही ,जिंदगी मे सबकुछ जिंदगी भी सीखा देती है हमे बहुत कुछ पढ़नेवाले ने क्या खोया है और क्या पाया है अनपढ़ भी देख समझ लेता है बहुत कुछ ज्ञान धरा पर बपौती नहीं किसी के बाप की संगत भी सीखा देती है…

