श्रीनिवास यन की कविताएं | Srinivas N Hindi Poetry
आजमा कर छोड़ दिया खिलाड़ी बनना चाहतानिरंतर व्यायाम करतासंतुलित भोजन खाताकिंतु मन में परेशान होताइससे आजमा कर छोड़ दिया। प्रतियोगिताओं में भाग लेतापुरस्कार, मेडल को पातासमाज में गौरव से रहतासबकी आदर्शवान बनतागर्व से आजमा कर छोड़ दिया। शारीरिक थकान दूर होताइसे उत्साह से कार्य करतासही समय पर पूरा करतानित सुझाव की बात बताताअशांति से आजमा…

